सर्दियों में बार-बार पेशाब आना बीमारियों का हो सकता है संकेत, जानिये

Diabetes Symptoms: डायबिटीज रोगियों में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है जो पेशाब के मार्ग से ही शरीर के बाहर निकलती है

Frequent Urination in Winter: सर्दियों में आलस्य की अधिकता होती है, हर कोई कंबल में  ही दुबके रहना चाहता है। ऐसे में बार-बार पेशाब लगना किसी के लिए भी परेशानी का सबब हो सकता है। 



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कई बार लोगों को लगता है कि ऐसा ज्यादा पानी पीने के कारण होता है। मगर इसके कई और कारण भी हो सकते हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पेशाब के जरिये शरीर के कई विकारों के बारे में भी पता लगाया जा सकता है। जिन लोगों की यूरिनरी ब्लैडर ओवर एक्टिव हो जाती है उन्हें भी बार-बार पेशाब लगने की शिकायत होती है। इसके अलावा, ये परेशानी डायबिटीज का भी एक लक्षण हो सकता है।

क्यों डायबिटीज के मरीजों को होती है ये परेशानी: डायबिटीज एक जीवन शैली से जुड़ा रोग है, इसके दो प्रकार टाइप 1 और टाइप 2 लोगों को अपनी चपेट में लेते हैं। 

इन दोनों ही तरह के मधुमेह से पीड़ित लोगों को जरूरत से ज्यादा पेशाब करने की इच्छा हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि डायबिटीज रोगियों में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है जो पेशाब के मार्ग से ही शरीर के बाहर निकलती है।

किडनी इंफेक्शन: डॉक्टर्स के मुताबिक जिन लोगों को हर कुछ देर पर यूरिनेशन के लिए जाना पड़ता है, उन्हें किडनी में किसी प्रकार का इंफेक्शन का खतरा भी हो सकता है।



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डायरेसिस: कोल्ड डायरेसिस एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण लोगों को बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है। लगातार यूरिनेशन से शरीर में मौजूद कई पोषक तत्व भी बाहर निकल आते हैं। 

इससे बॉडी का बैलेंस बिगड़ जाता है और लोगों के बीमार होने का खतरा भी बढ़ता है। डॉक्टर्स का मानना है कि जब व्यक्ति के शरीर का तापमान बेहद कम हो जाता है, तब उनमें डायरेसिस की स्थिति पैदा हो सकती है।

क्या करें निजात पाने के लिए उपाय: बार-बार पेशाब के लिए न जाना पड़े ये सोचकर पानी पीना कम न करें। डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि जो भी लोग इस समस्या से पीड़ित हैं, वो भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें। 

इससे किसी भी तरह के इंफेक्शन की चपेट में  आने का खतरा कम हो जाता है। वहीं, माना जाता है कि पालक, अलसी, तिल, मेथी और दही का सेवन भी इस परेशानी को कम करने में लाभदायक साबित होगा।

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